पैराशूट की दुनिया में हवाई वितरण अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एडीआरडीई) ने एक और कीर्तिमान रच दिया है। दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अब भारतीय सेना के जवान 18 हजार फीट की ऊंची बर्फीली चोटियों में आसानी से उतर सकेंगे।इसके लिए एडीआरडीई ने एडवांस्ड हाई एल्टीट्यूड पैराशूट (एएचएपी) विकसित किया है। मंगलवार को न्योमा, लद्दाख के मुध ड्रॉप जोन में स्वदेशी पैराशूट का पहला लाइव जंप किया गया। यह पूरी तरह से सफल रहा है। इस पैराशूट को भारतीय रक्षा बलों की ऊंचाई वाले इलाकों की विशेष सामरिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। वहीं पैराशूट के सफल परीक्षण पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बधाई दी है। इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बताया है।






















