रायबरेली (संवाददाता),5 सितम्बर। 40वां श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव एवं सिद्धि कला बीथिका (राष्ट्रीय कला केन्द्र) का वार्षिकोत्सव का शुभारम्भ कल सिद्धि कला बीथिका के मुख्यालय एवं होटल ग्रीन व्यूव गुलाब रोड में संयुक्त रूप से हुआ, दीप प्रज्वलित कर इस 5 दिवसीय महोत्सव का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रेमनारायण द्विवेदी, विशिष्ट अतिथि डा.ब्रजेश शुक्ल एवं वैष्णो देवी स्थापना बोर्ड के मुख्य आर्टिस्ट शिवशंकर शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर लोक गायिका दृष्टि पाण्डेय एवं ग्रुप द्वारा भगवान के सुमधुर भजनों ने दर्शनों को मंत्रमुग्ध कर दिया नृत्य निर्देशिका नीलम गुप्ता की शिष्य निया गुप्ता द्वारा कथक नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। सम्बोधन में मुख्य अतिथि प्रेम नारायण द्विवेदी ने कहा कि जनपद रायबरेली के माटी से निकली प्रतिमा ने अपनी कला की पताका जम्मू कश्मीर में फहरायी। उन्होंने रायबरेली में चित्रकार शिवशंकर शर्मा कल्पकार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मुंशीगंज शहीद स्मारक एवं भारत यात्रा मंदिर उसमें प्रमुख है। इस अवसर पर समाजसेवी आर.वी.वैश्य ने भी चित्रकार शर्मा के कलाकर्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और नवोदित कलाकारों को बधाई दी। अपने संबोधन में महोत्सव की अध्यक्ष चित्रकार शिवशंकर शर्मा ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव के 40 वर्ष पूर्ण हो रहा है तथा अनवरत इस महोत्सव से नवोदित कलाकारों की कला को उजागर करने के अवसर के साथ उन्हें उचित समय एवं प्रोत्साहन मुख्य उद्देश्य है, जहां से निकले कलाकारों ने प्रदेश की राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम रोशन किया है। इस अवसर पर समस्त कलाकारों को प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। थर्माकोल की सहायता से बनी झांकी श्रीकृष्ण जन्म भव्य अत्यंत मनोहारी एवं आस्था का केन्द्र बनी हुई है जहां अर्द्धरात्रि में योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का प्राकटोत्सव महाआरती तत्पश्चात महाप्रसाद वितरित किया गया। मंच का सफल संचालन समाजसेवी और अमरनाथ यात्रा मंडल रायबरेली प्रभारी राजेन्द्र अवस्थी ने किया। आयोजन में अतिथियों का अंगवस्त्र एवं बैच लागकर स्वागत शिवशंकर शर्मा ने किया।
महोत्सव में शिवमनोहर पाण्डेय, विवेकानंद त्रिपाठी, शैलेन्द्र अग्निहोत्री, विपिन अवस्थी, हरिहर शर्मा, सभासद शिशिर श्रीवास्तव, डाली पी.एन.शर्मा, अनिल दीक्षित, राकेश शर्मा, देवेन्द्र पाण्डेय आदि विशेष रूप से मौजूद रहे। एवं महोत्सव में झांकी के मुख्य कलकार महन्त कृष्णा बिहारी, प्रेमशंकर व जयशंकर रहे एवं आयोजन सफल बनाने में हरिशंकर ओमशंकर, संतोष, शिखा, मुनीश गुप्ता, सुमित, श्रीमती सुशफा शुक्ला, चन्दन सहित आदि की भूमिका रही। एवं नन्हे मुन्हे बच्चों द्वारा राधाकृष्णा एवं भगवान शिव की झांकी (सजीव) प्रसतुत की गई। समापन एवं भगवान की छठी 8 सितम्बर को भव्य रूप में मनायी जायेगी।






















