यूएफबीयू ने दी चेतावनी—मांगें नहीं मानी गईं तो तीन दिवसीय हड़ताल से होगा बड़ा आंदोलन
रायबरेली। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को रायबरेली में बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के नेतृत्व में आयोजित अखिल भारतीय बैंकिंग हड़ताल के समर्थन में जिले के विभिन्न बैंकों के हजारों अधिकारी-कर्मचारी पंजाब नेशनल बैंक मंडल कार्यालय के सामने केंद्रीय प्रदर्शन स्थल पर एकत्र हुए और आईबीए की नीतियों एवं कथित वादा खिलाफी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन में स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको बैंक, केनरा बैंक, ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। बैंक कर्मियों ने एकजुट होकर पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि उनकी जायज मांगों को लंबे समय से टाला जा रहा है।
मांग नहीं मानी तो तीन दिन की हड़ताल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के प्रमुख डॉ. मधुरेश कुमार सिंह ने कहा कि बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह एकजुट हैं। पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को यदि आईबीए द्वारा स्वीकार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया जाएगा और अगला आंदोलन मौजूदा प्रदर्शन से भी अधिक जोरदार होगा।
सड़कों पर दिखी बैंक कर्मियों की एकजुटता
पंजाब नेशनल बैंक मंडल कार्यालय से शुरू हुआ बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों का शांतिपूर्ण जुलूस सिविल लाइंस, ब्रिज होते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा रीजनल ऑफिस पहुंचा। यहां भी कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। इसके बाद जुलूस स्टेट बैंक सुपर मार्केट पहुंचा, जहां बैंक कर्मियों ने आईबीए की कथित वादा खिलाफी के खिलाफ जोरदार हल्ला बोल किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलेगा और बैंकिंग व्यवस्था को भी व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।इस मौके पर आशुतोष कुमार, अभिषेक सिंह, अरूण सिंह, माता प्रसाद, आयाज अहमद, विकल्प श्री, रेखा शुक्ला, विनय कुमार सिंह, गुरूदत्त समेत अलग-अलग बैंकों के कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रदर्शन के अंत में सभी बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एकजुट होकर आईबीए की वादा खिलाफी के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया।






















