उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 26 अक्टूबर को कानपुर दौरा राजनीतिक नजरिए से अहम माना जा रहा है। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मुख्यमंत्री बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम पहुंचेगे। बिठूर के नानाराव पेशवा स्मारक स्थल से जनसभा को संबोधित करेंगे। धार्मिक आस्था, सामाजिक समीकरण और 1857 की क्रांति के इतिहास से जुड़े बिठूर को इस आयोजन के लिए चुनने के पीछे राजनीतिक संदेश भी जोड़ा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस कार्यक्रम के जरिए भाजपा दलित समाज के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, जनसभा को 2027 के चुनावी बिगुल माना जा सकता है। मुख्यमंत्री के संबोधन में संभावित घोषणाएं भी आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा सकता है।बिठूर में महर्षि वाल्मीकि आश्रम और नानाराव पेशवा स्मारक स्थल का एक साथ केंद्र में आना इस आयोजन को धार्मिक और ऐतिहासिक, दोनों को ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री के दौरे को केवल जयंती समारोह तक सीमित न मानकर उसके राजनीतिक और विकास संबंधी संदेशों के लिहाज से भी देखा जा सकता है।


















