सैकड़ो की संख्या में बेसिक शिक्षा विभाग रायबरेली में गतिमान समायोजन प्रक्रिया में कोर्ट के आदेश के विपरीत नियम विरुद्ध ढंग से कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन सूची में नाम आने के कारण सैकड़ों शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी महोदय व बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय को ज्ञापन दिया, जिलाधिकारी की तरफ से सिटी मजिस्ट्रेट महोदय ने ज्ञापन लिया व आश्वासन दिया कि जो अधिकतर जनपद में हो रहा है वहीं रायबरेली में भी होगा, बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय ने भी आश्वासन देते हुए कहा कि हम शिक्षकों के हितों का ध्यान रखते हुए काम करेंगें
कनिष्ठ शिक्षकों की तरफ से अनुराग मिश्र ने बताया कि सन 2018 और सन 2024 में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा कनिष्ठ शिक्षकों के समायोजन को रद्द किया जा चुका है किंतु जनपद रायबरेली में मनमाने ढंग से जारी गई की गई सूची में कनिष्ठ शिक्षकों को सरप्लस दिखाया गया है जिससे शिक्षकों में बहुत ज्यादा निराशा एवं आक्रोश व्याप्त है।
कनिष्ठ शिक्षकों का पक्ष रखते हुए वरुणेंद्र ने बताया कि अभी अगस्त 2025 में ही कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन किया गया था द्बारा फिर यदि उनका समायोजन किया जाता है तो तो वे जिस विद्यालय में जाएंगे वहां भी कनिष्ठ होंगे इस तरह तो बार-बार उन्ही का समायोजन होता रहेगा और वह फुटबॉल की भांति इधर से उधर फेके जाएंगे,
कनिष्ठ शिक्षक सत्येंद्र सिंह का कहना है कि पूरे प्रदेश में समायोजन प्रक्रिया गतिमान है और 40 से अधिक जनपद में वरिष्ठ शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है लेकिन रायबरेली व सात आठ जनपदों में कनिष्ठ शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है।
समायोजन प्रक्रिया की विसंगतियों के विषय में बताते हुए दुर्गेश मिश्र व अखिलेश सिंह ने कहा की इस समायोजन में प्रधानाध्यापक को भी सहायक अध्यापक के रूप में गिना जा रहा है जो कि नियम विरुद्ध है तथा वरिष्ठता सूची बनाते समय विद्यालय की जॉइनिंग देखी जा रही है यह भी नियम विरुद्ध है, वरिष्ठता सूची का निर्धारण करते समय हमेशा जिले की जोइनिंग तिथि को आधार माना जाता है।
सभी शिक्षकों ने एक स्वर में यह भी कहा कि यदि पुनः कनिष्ठ शिक्षकों का ही समायोजन किया जाएगा तो वह लोग न्याय के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होंगे।
आज के ज्ञापन में अनुराग दुर्गेश अखिलेश प्रियंवदा तबस्सुम मंजूलता विजय कांति, आशीष चंद्रशेखर सत्येंद्र सिंह अखिलेश आनंद प्रीति कौशल,संजय, रमेश, प्रीति त्रिपाठी शिवालिका त्रिपाठी धर्मराज नसीम बृजेश श्रीवास्तव सहित सैकड़ो की संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे





















