मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खेल दिवस पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद किया और कहा कि खिलाड़ियों से समाज को समर्पण की प्रेरणा मिलती है।हर खिलाड़ी समाज के लिए हीरो होता है। हर नागरिक को एक खिलाड़ी की तरह अपने राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से आगे बढ़ने, खेल जीवन के अनुशासन को बनाए रखने, समन्वय स्थापित करने और जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने के प्रयासों का हिस्सा होना चाहिए। सही मायनों में खिलाड़ियों से समाज को समर्पण की प्रेरणा मिलती है। यह कहना है सीएम योगी आदित्यनाथ का जो खेल दिवस के अवसर पर पदमश्री मो. शाहिद स्टेडियम में प्रदेश के राष्ट्रीय पदक विजेताओं को प्रोत्साहन राशि देने आए।इस अवसर पर उन्होंने नौ सहायक खेल प्रशिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी दिए। साथ ही प्रदेश के पूर्व ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर सीएम ने स्टेडियम में स्पोर्ट्स हॉस्टल और स्पोर्ट्स कॉलेज के बीच खेले गए मैत्री मुकाबले का भी लुत्फ उठाया। उन्होंने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को नमन करते हुए कहा कि जब मेजर ध्यानचंद जी की बात आती है तो हर भारतीय के मन में हॉकी की स्टिक नजर आने लगती है। 1928, 1932 और 1936 तीन ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाकर उन्होंने भारत की हॉकी को वैश्विक पहचान दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का सबसे प्रतिष्ठित खेल रत्न पुरस्कार किसी नेता नहीं, बल्कि मेजर ध्यानचंद के नाम पर समर्पित किया गया।उत्तर प्रदेश के लिए यह इसलिए भी गौरव की बात है क्योंकि यह उनकी जन्मभूमि है। उनकी स्मृति में मेरठ में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का नामकरण मेजर ध्यानचंद जी के नाम पर किया गया है और इस सत्र से वहां पाठ्यक्रम प्रारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कमिश्नरी में एक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है। विभिन्न खेलों के लिए इन कॉलेजों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे। पूर्व ओलंपियन/कॉमनवेल्थ/एशियाड/नेशनल गेम्स मेडलिस्टों को कोच बनाकर नई प्रतिभाओं को तराशा जाएगा। हर ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, हर विकासखंड पर मिनी स्टेडियम और हर जनपद में एक स्टेडियम निर्माण की कार्यवाही युद्धस्तर पर जारी है। ओपन जिम के निर्माण व युवा कल्याण विभाग के माध्यम से युवक मंगल दल और महिला मंगल दल को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराई जा रही हैं।