आन लाइन गेम पर अंकुश नहीं लगने का खामियाजा अब लोगों को जान देकर भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्र के असनी निवासी लखपत प्रसाद के 21 वर्षीय बेटा विक्रांत मोबाइल ऐप में एविएटर गेम्स पर आनलाइन सट्टेबाजी का आदी था। कुछ दिनों में ही उसने करीब एक लाख 30 हजार रुपये एविएटर गेम्स में गंवा दिए, जिससे वह परेशान होकर मंगलवार को नहर में कूदकर जान दे दियासुबह दस बजे विक्रांत घर से साइकिल बनवाने की बात कह कर निकलने के बाद वापस नहीं आने परिजन परेशान हो गए। खोजबीन शुरू की तो दोपहर करीब एक बजे नेवाजगंज पुल पर उसकी साइकिल, फोन और चप्पल पुल पर रखे मिले। आसपास जानवर चरा रहे लोगों ने बताया कि एक युवक ने साइकिल खड़ी कर नहर में छलांग लगा दी है। इसकी जानकारी होने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कर दी। युवक के बड़े भाई विनोद ने बताया कि उसका छोटा भाई विक्रांत न्यू स्टैंडर्ड सलेथू में बीएससी सेंकेड वर्ष का छात्र था। ऑनलाइन गेम में रुपए दांव पर लगाता था। कई बार मना करने पर भी विक्रांत नहीं माना और धीरे-धीरे उसे गेम की लत लग गई। जिसमें वह करीब एक लाख 30 हजार रुपए हार गया था। इससे वह निराश था। वह कुछ बता भी नहीं रहा था। घरवालों की डाट के डर से उसने नहर में छलांग लगा दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश करनी शुरू कर दीमंगलवार दोपहर से ही उसकी तलाश जारी थी। दूसरे दिन गुरुवार को फिर तलाश की जा रही थी तभी करीब तीन बजे खुदायगंज के पास शारदा नहर से गोताखोरों को उसका शव नहर किनारे बहता हुए मिला। शव बहता देख परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल जगदीश यादव ने बताया कि आनलाइन सट्टेबाजी की लत में छात्र ने लाखों रुपए डुबा दिए थे, जिससे परेशान होकर उसने ऐसा क़दम उठाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।




















