भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की। लंबे समय से एक दूसरे से दूरी बनाए दोनों नेताओं की करीब तीन साल बाद हुई मुलाकात से सियासी हलचल बढ़ गई है। इसके तरह-तरह के मायने निकाले जा रहे हैं। सीएम और पूर्व सांसद के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। हालांकि सोशल मीडिया पर इस मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है। वहीं, बृजभूषण शरण सिंह ने कहा सीएम प्रदेश के मुखिया हैं तो मुलाकात का कोई सियासी मायने नहीं निकाला जाना चाहिए।सीएम से मुलाकात के बाद मीडिया से हुई अनौपचारिक बातचीत में पूर्व सांसद ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि बातचीत में कोई खास बात तो नहीं थी, अलबत्ता मुलाकात होना ही खास बात है। बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह और सीएम से करीब लंबे समय से संवाद नहीं होने की बात कही जा रही है। कई बार बृजभूषण के बयानों से इस बात के कयास भी लगाए जा रहे थे कि वह सरकार से नाराज चल रहे हैं। यही नहीं, बृजभूषण ने कई बार अपने बयानों से प्रदेश सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। कई बार सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को छोटा भाई बताते हुए उनकी जमकर तारीफ करके भी उन्होंने सियासी चर्चाओं को जन्म दिया।सोमवार की शाम को अचानक पांच कालीदास पहुंचे बृजभूषण को देख वहां के लोग भी हैरान रहे। वहीं, सूत्रों कहा कहना है कि सीएम से मिलकर बाहर निकलने बृजभूषण का बॉडी लैंग्वेज बदला हुआ था। वह अधिक प्रसन्न दिख रहे थे। माना जा रहा है कि सीएम से बृजभूषण की मुलाकात के बाद अब दोनों नेताओं के बीच एक बार फिर से संवाद के दरवाजे खुल गए हैं। वहीं, सूत्रों कहना है कि पंचायत चुनाव और फिर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी यह मुलाकात अहम मानी जा रही है। पूर्व सांसद भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआइ) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। राम मंदिर आंदोलन के दौरान भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी।




















