रायबरेली में दो दिन से लापता डीफार्मा छात्र का शव जंगल में पेड़ की डाल से लटकता मिला। वह चार वर्षों से बुआ के घर रहता था। पढ़ाई के साथ पैथोलॉजी में नौकरी भी करता था। उसकी एक युवती से दोस्ती थी। प्रेम प्रसंग में हत्या करने की आशंका जताई जा रही है। रायबरेली में दो दिन से लापता डीफार्मा छात्र सूरज कोरी का शव शुक्रवार सुबह गांव के बाहर जंगल में पेड़ की डाल से फंदे से लटकता मिला। पैर और हाथों पर छाले पड़े थे। चमड़ी उधड़ी हुई थी। शरीर पर ज्वलनशील पदार्थ डालने की आशंका जताई जा रही है। परिवार के लोगों का आरोप है कि बेटे की हत्या करके पेड़ से लटकाया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। बताया गया कि सूरज मूलरूप से उन्नाव जिले के बारा सगवर थाना क्षेत्र के तेज सिंह का पुरवा, मजरे अलीपुर का रहने वाला था। चार वर्षों से वह लालगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे जालिम सिंह का पुरवा मजरे गौरा रुपई में बुआ अनीता देवी के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था। वह डीफार्मा द्वितीय वर्ष का छात्र था। साथ ही कस्बा स्थित एक पैथोलॉजी में नौकरी भी करता था। परिवारीजनों के मुताबिक, बुधवार शाम फोन पर बात करते हुए वह घर से निकला था। इसके बाद घर नहीं लौटा। गुरुवार सुबह कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने शव उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मौके से सूरज का मोबाइल बरामद हुआ है। घटना के बाद से माता कांती देवी, छोटी बहन ममता, बुआ अनीता देवी, फूफा नंदलाल और फुफेरा भाई शुभम रो-रोकर बदहवास हो गए। बताया गया कि सूरज दो भाइयों में छोटा था। बड़ा भाई मोहन विदेश में रहकर नौकरी करता है। घरवालों ने बेटे की हत्या करके शव फंदे से लटकाने का आरोप लगाया है।परिवारीजन ने बताया कि सूरज का एक युवती से प्रेम संबंध चल रहा था। वह उसके साथ एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रशिक्षण ले चुकी है। कुछ दिन पहले दोनों में विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच समझौता भी हुआ था। हालांकि, इस संबंध में कोई तहरीर नहीं दी गई है। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण पता चल सकेगा।