रायबरेली में राहुल गांधी ने प्रजापति समाज के सम्मेलन में भाजपा और आरएसएस को निशाने पर लिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा- देश में 90 फीसदी आबादी ओबीसी, दलित और आदिवासियों की है। लेकिन ये भाजपा-आरएसएस के लोग नहीं चाहते कि ये कभी आगे बढ़ें।
ये चाहते हैं कि दलित वहीं पर रहे, अंबानी जहां हैं वहीं पर रहें। प्रधानमंत्री मोदी खुद ओबीसी हैं, लेकिन जाति जनगणना पर कुछ नहीं बोलते। मैंने संसद में इसपर सवाल किया तो वे डेढ़ घंटे तक भाषण देते रहे लेकिन जाति जनगणना पर एक भी शब्द नहीं बोले।
बुधवार सुबह साढ़े 8 बजे राहुल गांधी दिल्ली स्थित अपने आवास से रायबरेली के लिए रवाना हुए। दिल्ली एयरपोर्ट से फ्लाइट लेकर लखनऊ पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से रायबरेली पहुंचे। रास्ते में राहुल गांधी के काफिले को विरोध का सामना करना पड़ा।
पीएम को गाली देने मामले को लेकर योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ राहुल के रास्ते में धरने पर बैठ गए। राहुल वापस जाओ के नारे लगाए। विरोध प्रदर्शन के चलते राहुल का काफिला करीब 1 किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया।
पुलिस, मंत्री दिनेश सिंह को उठाने पहुंची तो भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ धक्कामुक्की भी हुई। इस दौरान राहुल का काफिला 5 मिनट रुका रहा। मंत्री दिनेश प्रताप सिंह वही हैं, जिन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था।
राहुल, बटोही रिसॉर्ट में अपने पहले कार्यक्रम में पहुंचे। जहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा- पहले लोग कहते थे कि दाल में जरूर कुछ काला है। लेकिन किसी के पास कोई सबूत नहीं थे। अब सबूत हैं। वोट चोरी हो रही है। इसे रोकना होगा। विरोध के बाद भी चुनाव आयोग तानाशाही कर रहा है।
राहुल आज और कल यानी 10 और 11 सितंबर को रायबरेली में रहेंगे। लोकसभा चुनाव जीतने के बाद यह उनका छठा रायबरेली दौरा है।




















