रायबरेली (संवाददाता),3 मई। उ.प्र.सीनियर बेसिक शिक्षक संघ जनपद रायबरेली द्वारा आयोजित सेवानिवृत्त शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारी सम्मान एवं बिदाई समारोह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ प्रशान्त लाॅन, सुल्तान पुर रोड रायबरेली में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात शिक्षाविद एवं मनीषी व शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त जय प्रताप सिंह ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त एवं लेखाधिकारी सिद्धार्थ दीक्षित थे। विशिष्ट अतिथि प्रांतीय संगठन के पूर्व महामंत्री नन्द प्रकाश यादव थे। अन्य मंचीय अतिथियों में संगठन के प्रान्तीय महामंत्री अशोक पाल, प्रान्तीय संरक्षक प्रेम नारायण द्विवेदी तथा राजर्षि रामपाल सिंह वैदिक कन्या इ.कालेज रायबरेली की छात्राओं ने सरस्वती वन्दना व स्वागत गीत प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बेसिक शिखा के लेखाधिकारी सिद्धार्थ दीक्षित ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान समारोह सराहनीय है। सेवानिवृत्त होने के बाद शिक्षक व कर्मचारी स्वतंत्र होकर शिक्षण कार्य कर सकता है। शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता है। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा आप लोगों का जो भी कार्य अवशेष रह गया होगा, उसे मैं तत्काल कर दूंगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त शिक्षाविद एवं मनीषी शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षक एक ईमानदारी का पेशा है और शिक्षक को किसी भी प्रकार का लालच नहीं होना चाहिए। सभी जाति वर्ग के छात्र/छात्राओं को समान व्यवहार से देखना चाहिए। मैं भी शिक्षक कार्य से प्रशासनिक सेवा में गया हूं, लेकिन मैंने कभी मूल स्वभाव को नहीं छोड़ा।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि एवं संगठन के प्रान्तीय संरक्षक प्रेम नारायण द्विवेदी ने आये हुए जनपद के सभी शिक्षकों को आशिर्वाद देते हुए कहा कि यहा संगठन जनपद के ही नहीं प्रदेश के शिक्षकों के लिए कार्य किया है। प्रान्तीय अध्यक्ष स्व.बद्री प्रसाद श्रीवास्तव एवं मौजूदा प्रान्तीय मुख्य संरखक रामपाल शर्मा ने भी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के हित में जू.हा. स्कूल से हाईस्कूल होने पर शिक्षक एवं कर्मचारियों का वेतन रूक जाने पर हाईकोर्ट जाना पड़ता था, किन्तु श्री शर्मा द्वारा पूर्व मुख्य मंत्री स्व. राम प्रकाश गुप्ता द्वारा बन्धन को हटाकर सीधे भुगतान की व्यवस्था करवायी। यही नहीं पहले शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद उसकी पेंशन भुगतान का बिल विद्यालय से बन के आता थी, उसमें ढेर कठिनाइयां होती थी, उसे श्री शर्मा द्वारा समाप्त करके सीधे राजकीय कर्मचारियों की तरह ट्रेजरी आफिस से सीधे कर्मचारी के खाते में पहली तारीख को पहुंच जाता है।
प्रान्तीय महामंत्री अशोक पाल ने कहा कि इस जनपद में यह कार्यक्रम हर वर्ष होता है, इसलिए सराहनीय है। सरकार द्वारा जो नियम लगा करवाया जा रहा है कि जिनकी सेवाएं पांच वर्ष से अधिक हैं उन्हें टी.टी.पास करना पड़ेगा, अन्यथा उनका अभी नुकसान होगा। यह बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इस समस्या का संगठन पुरजोर विरोध करता रहेगा।
कार्यक्रम में पूर्व प्रान्तीय महामंत्री नन्द किशोर यादव ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान करने का यह आयोजन सराहनीय है। शिक्षक एवं शिक्षण कर्मचारियों का किसी प्रकार का असर देय बाकी है तो वह जिले को संगठन को जानकारी दे और जिला संगठन प्रदेश संगठन को अवगत कराये। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रान्तीय अध्यक्ष शिवशंकर सिंह, महामंत्री के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह, शिक्षक संघ के जिला महामंत्री शैलेश यादव एवं संगठन के जिला संरक्षक राजेन्द्र बहादुर सिंह, संगठन के मंत्री मधुकर सिंह आदि ने भी विचार रखे कार्यक्रम का संचालन डा. संतलाल ने किया।
इस अवसर पर उ.प्रदेशीय शिक्षक संघ के जिला महामंत्री शैलेश यादव व राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला संगठन मंत्री मधुकर सिंह व सफल संचालन डा.सन्तलाल ने किया। पत्रकार बन्धुओं की विशेष कृपापूर्ण उपस्थिति रही। जनपद के सभी सहायताप्राप्त विद्यालयों से शिक्षक बन्धुओं, शिक्षिका बहनों व शिक्षणेत्तर कर्म चारी बन्धुओं ने अपनी भारी उपस्थिति से कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की । आज जिन शिक्षक बन्धुओं का सारस्वत सम्मान किया गया उनमें राधेश्याम सिंह, रामखेलावन चैधरी , जय नारायण मिश्र, बिन्दादीन, अनिल कुमार सिंह व इन्द्रपाल यादव प्रमुख थे। अन्त में जिलामंत्री धीरेन्द्र सिंह चन्देल ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया।






















