आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका) के आवासीय परिसर में शुक्रवार को नौ घंटे के अंतराल में संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला व सीनियर टेक्नीशियन का शव फंदे पर लटकता मिला।
सीनियर टेक्नीशियन की आरेडिका में तैनाती थी, जबकि महिला एक टेक्नीशियन की पत्नी थी। घटनाओं को लेकर दिन भर आवासीय परिसर में अफरा तफरी का माहौल रहा। एक ही दिन में दो मौतों को लेकर लोगों के बीच चर्चाएं रहीं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिहार प्रांत के कैमूर जनपद के थाना भंभुवा के ग्राम चांदूरुइया निवासी पारस कुमार आरेडिका की मैकेनिकल शॉप में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं। वह परिवार के साथ परिसर की टाइप टू कॉलोनी में आवास संख्या 2236ए में रहते हैं।उनकी पत्नी मीरा देवी का शव शुक्रवार की सुबह करीब पांच बजे घर के कमरे में फांसी के फंदे पर लटकता मिला। पारस ने आशंका जताई कि मीरा काफी दिनों से बीमार थी। शायद इसी कारण से आत्महत्या की। घटना की जानकारी हुई तो बड़ी संख्या में परिसर के लोग मौके पर एकत्रित हो गए।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस घटना की जांच कर ही रही थी कि दोपहर करीब एक बजे सीनियर टेक्नीशियन सुदामा मीना का शव वर्कर्स क्लब के पीछे जंगल में पेड़ पर गमछे के सहारे लटकता मिला।
एक ही दिन ही दूसरी मौत की सूचना मिलते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जिसने भी सुना जंगल की ओर दौड़ पड़ा। सुदामा राजस्थान के जिला करौली थाना कुड़गांव के खिरखेड़ा के रहने वाले थे। वह आरेडिका की शोलशॉप साइडवाल सेक्शन में सीनियर टेक्नीशियन के पर कार्यरत थे और आवासीय परिसर के टाइप थ्री आवास संख्या 3150सी में रहते थे।
परिवारजन के अनुसार सुदामा अक्सर बीमार रहते थे। वह सुबह घर से निकले, लेकिन वापस नहीं आए तो परिवारजन ने उनकी खोजबीन शुरू की। खोजबीन के दौरान सुदामा का शव जंगल में पेड़ पर लटकता मिला।






















